मिस्टर पलटू राम के नाम से मशहूर 28 जनवरी को नीतीश कुमार लेंगे 9वीं बार सीएम पद की शपथ

BY MANJEET       26/01/2024          

24 घंटे में इस्तीफा दे सकता है। नीतीश कुमार बहुत बड़ा उलट फेर फिर बिहार की राजनीति में बीजेपी के साथ नई सरकार बनेंगे नीतीश कुमार और यह इंडिया के लिए बहुत बड़ा झटका हो सकता है। बीजेपी के साथ नई सरकार इतनी जल्दी बन सकती है। कि, 2 दिन बाद यानी 28 तारीख को ही शपथ ग्रहण समारोह यह सूत्र बता रहे हैं। सुशील मोदी एक बार फिर से उनकी सरकार ने डिप्टी सीएम बन सकते हैं। 

यानी नीतीश कुमार एक बार फिर यू टर्न लेते हुए नीतीश कुमार नाराज चल रहे थे। इंडिया से नीतीश कुमार ने संयोजक पद ठुकरा दिया इंडिया का नीतीश कुमार को लेकर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जो ट्वीट किया उसके बाद नीतीश कुमार कैबिनेट की मीटिंग से तमतमाते  हुए बाहर आआ गए नीतीश  ने चंद्रशेखर यादव जो कि राजद के उनसे शिक्षा मंत्री का पद ले लिया और और यह माना जा रहा था। कि बहुत कुछ घट रहा है।

नीतीश कुमार और आरजेडी के बीच अनबन

 नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के बीच क्या राजद और जदयू के बीच और इस बीच यह बड़ी खबर आ रही हैं। क्या यह कंफर्म है। क्या यह माना जा रहा की नीतीश कुमार फिर से बीजेपी  में वापस आ रहे हैं। बिल्कुल और जो कुछ भी घट रहा हैं।और जो भी शर्तें दोनों तरफ से रखी गई थी। उन तमाम चीजों पर डील  फाइनल हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के बिहार यूनिट के जो बड़े नेता दिल्ली गए हुए थे। वह वापस लौट रहे हैं। यहां पर और उसके बाद से यह मान चला  कर चला जा रहा है।

 कि नीतीश कुमार के घर वापसी होगी बल्कि भारतीय जनता पार्टी की सत्ता वापसी भी होने जा रही है। और चुकी पिछली बार भी जब नीतीश कुमार ने आरजेडी का साथ छोड़ा था। तो दोपहर के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया था। और अगले दिन शपथ ग्रहण हुआ था। और वह इसलिए हुआ था। आज आज शाम को नीतीश जी राज भवन जाएंगे जहां पर आईटी है। 

आज हो सकती है। राज्यपाल से मुलाकात नितेश कुमार की

राज्यपाल से उनके मुलाकात होगी लेकिन वह राजनीतिक मुलाकात नहीं होगी इसलिए यह माना जा रहा है। कि अगले 24 घंटे में नीतीश कुमार संवैधानिक रूप से जो प्रक्रिया है। वह शुरू कर देंगे सबसे पहले इस्तीफा देना और उसके बाद से भारतीय जनता पार्टी का समर्थन का पत्र लेकर नई सरकार की गठन की कवायत राज भवन में जाकर शुरू होगी। और बहुत संभव है। कि 28 जनवरी को ही राज्य व राजभवन के राजेंद्र मंडपम में एक बार फिर से नीतीश कुमार शपथ लेंगे। 

सुशील मोदी का बयान पर्व  डिप्टी सीएम बिहार 

और वह कह रहे हैं। की राजनीति में बंद दरवाजा खुलते भी है। बीजेपी के नेताओं ने कहा था। कि नीतीश कुमार के लिए भारतीय जनता पार्टी  के दरवाजे बंद हो चुके हैं। लेकिन आप वहीं भाजपा के नेता कह रहे हैं। की राजनीति में बंद दरवाजे खुल भी जाते हैं। और कौन कह रहा है। यह बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता सुशील मोदी का रहे हैं। वह कह रहे हैं।  क्या कह रहे हैं। आपको लोकसभा चुनाव के रणनीति पर विचार करना हैं। सुशील मोदी ने डिप्टी सीएम रहे सुशील मोदी पहले सरकार में नीतीश कुमार के साथ एक बार फिर से हटकर है।

 कि सुशील मोदी ने जो बड़ा बयान दिया है। की राजनीति में जो बंद दरवाजे होते हैं वह खुलती भी हैं। यह तो वही बात हो गई जैसा कि लालू यादव से ऐसी बात हाथ मिलाया था। नितेश ने और एक बार फिर से 24 घंटे में इस्तीफा दे सकते हैं।  और दिल्ली से खबर मिल रही क्या फार्मूला तय हुआ है। उसके मुताबिक मैं आपको बता दूं कि कल जो बिहार के नेता आए थे। गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ उनकी जो बातचीत हुई थी। उसमें विस्तृत तौर पर इस बात पर चर्चा हुई कि क्या नीतीश जी के साथ जाना उचित होगा लोकसभा चुनाव में उसका कितना फायदा होगा।

लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार का फायदा बीजेपी के लिए 

 विधानसभा चुनाव में उसका कितना फायदा होगा बिहार के नेताओं ने अपनी अपनी बातें रखी लोकसभा चुनाव को लेकर भले ही उन लोगों ने हामी भरी लेकिन बहुत सारे नेताओं का यह भी मानना था। कि विधानसभा चुनाव में अकेले जाने से ज्यादा फायदा होगा हालांकि सेकेंडरी नेतृत्व की तरफ से यह कहा गया कि आप जाएं वहां पर स्टेट यूनिट में की बैठक करें और राज्य के हर एक जिले से लोगों को बुलाए। बीजेपी के जो अध्यक्ष हैं जो स्टेट का केंद्र में  नीतीश की बात डायरेक्ट हुई हो या इनडायरेक्ट हुई है। लेकिन बातचीत चल रही है।

बहुत कुछ तय हो चुका है। यह बताया जा रहा है कि, नीतीश कुमार सीएम बने रहेंगे और बीजेपी से दो उपमुख्यमंत्री फिर से बनाया जा सकता है। यह केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से अपने सारे नेताओं को और साथ ही साथ ही कुछ और भी बातें हैं जो बताई गई है।

 क्या है सीटों का फार्मूला नितेश कुमार के साथ

 लोकसभा चुनाव के फार्मूले को लेकर भी चर्चा हुई है। लोकसभा में 12 से 14 सिट जदयू को दी जा सकती है। और बाकी के सारी सीटों पर लगभग 26 से 28 सीटों पर बीजेपी और जो अन्य गठबंधन डाल है। वह चुनाव लड़ेंगे इस पर भी लगभग सहमति बन गई है। नीतीश  इंडिया का संयोजक बनने से उन्होंने इनकार कर दिया लेकिन इस सरकार से बाहर आने का नीतीश जी का सबसे बड़ा कारण इस वक्त जो समझ में आ रहा है।

 वह नीतीश कुमार के ऊपर जो दबाव था। आरजेडी  की तरफ से लालू प्रसाद यादव की तरफ से नीतीश कुमार जो दबाव जा रहा था। क्योंकि नीतीश कुमार जब लालू प्रसाद यादव के साथ आए थे। यानी कि RJD के साथ सरकार बने जा रही थी। आरजेडी ने  2019 में और 2020 में दोनों चुनाव नीतीश  ने बीजेपी के साथ लड़कर बीच में BJP बनाई लेकिन 2022 में वापस राजद के साथ है। उसे वक्त एक डील  हुआ था। और उसे डील के अनुसार जो सूत्र बता रहे हैं। 

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लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार में जो डील हुई थी उसके अनुसार एक या सवा साल के बाद नीतीश कुमार कुर्सी तेजस्वी यादव को सौंप देगा और इसलिए क्योंकि नीतीश ने भी यह कहा था कि जब वह केंद्र की राजनीति करेंगे वह विपक्ष को एकजुट करेंगे वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार या कन्वीनर या इंडिया गठबंधन में महत्वपूर्ण पद पर रहेंगे जाहिर सी बात है। वह बिहार की यह कुर्सी नीतीश कुमार को सौंप देंगे।

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