माउंट मेरापी ज्वालामुखी विस्फोट : इंडोनेशिया में मचा हाहाकार, 11 मौत और कई लापता

माउंट मेरापी ज्वालामुखी : इंडोनेशिया देश में इस समय भीषण हाहाकार मचा हुआ हैं। वहाँ के मेरापी ज्वालामुखी में जोरदार विस्फोट हुआ हैं। इस विस्फोट की वजह से वहाँ 11 पर्वतारोहियों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 12 अन्य लोगों की तलाश जारी हैं।

रविवार को अचानक मेरापी ज्वालामुखी में एक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसकी लपटे आसमान में 3 किलोमीटर तक देखी जा सकती हैं। यह ज्वालामुखी 2891 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं।

माउंट मेरापी ज्वालामुखी विस्फोट : इंडोनेशिया में मचा हाहाकार, 11 मौत और कई लापता
माउंट मेरापी ज्वालामुखी विस्फोट : इंडोनेशिया में मचा हाहाकार, 11 मौत और कई लापता

माउंट मेरापी कहाँ हैं

यह पृथ्वी के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक हैं। यह इंडोनेशिया में हैं। 1548 के बाद से यह लगातार जल रहा हैं। मेरापी पर्वत को इंडोनेशियाई और जावानी भाषा में गुनुंग मेरापी कहा जाता हैं। जिसका अर्थ होता हैं आग का पर्वत। इस समय इसमे जो विस्फोट हुआ हैं उनसे इंडोनेशिया में भयंकर तबाही मचा दी हैं। इस ज्वालामुखी की ऊंचाई 9737 फीट हैं।

यह एक शंकु के आकार का ज्वालामुखी हैं। यह जावा द्वीप और योग्यकर्ता शहर के बीच में हैं। यह ज्वालामुखी योग्यकर्ता शहर के बहुत नजदीक हैं। यह बहुत बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। योग्यकर्ता शहर को इंडोनेशिया की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता हैं।

खतरे की निशानी हैं माउंट मेरापी

ऐसा पहली बार नहीं हुआ हैं की माउंट मेरापी की वजह से लोगों की जानें गई हैं। यहाँ साल के 365 दिनों में से कम से कम 300 दिन तो धुआँ निकलता ही हैं। साथ ही समय समय पर यहाँ विस्फोट भी होते रहते हैं, जिनमे कई लोगों की जान जा चुकी हैं।

कब-कब हुआ हैं विस्फोट माउंट मेरापी ज्वालामुखी में

यू तो यह हर समय राख निकटी रहती हैं लेकिन कुछ ऐसे बड़े विस्फोट भी इसमे हुए हैं जिनसे भारी मात्र में लोगों की जाने गई हैं। सबसे बड़ा विस्फोट 22 नवंबर 1994 को माउंट मेरापी में हुआ था। इसमे विस्फोट होने के बाद जो गरम गैसए यह से निकली उनकी वजह से 27 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमे से ज्यादातर लोग ज्वालामुखी के पश्चिम में स्थित शहर मुंतिलान के रहने वाले थे।

इसके बाद एक और भीषण विस्फोट 2006 में भी हुआ था। इसके बाद सबसे बड़ा विस्फोट 2010 में हुआ था जिसमे 347 लोगों की मौत हो गई थी।  इतना अधिक खतरनाक होने के कारण इसे ” दशक का ज्वालामुखी ” नाम दिया गया हैं। इसके खतरों से निपटने के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। ज्वालामुखी के आसपास के गाँवों को एहतियात के तौर पर खली कर दिया जाता हैं ताकि किसी भी बड़े संकट से बच जा सके।

प्रचलित हैं एक अफवाह माउंट मेरापी ज्वालामुखी के बारे में

मेरापी माउंट ज्वालामुखी को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग बाते मान्य हैं जो कही-न-कही उनकी प्राचीन कही-सुनी बातों पर आधारित हैं। यहाँ ऐसा माना जाता हैं कि धरती पर सिर्फ इंसान ही नहीं बसते, आत्माएं भी बसती हैं। माउंट मेरापी के अंदर जावानीज क्राटोन की आत्मा रहती हैं। इन आत्माओ के शासक एंपु रामा और एंपु प्रमादी हैं।

जब कभी भी ये आतमाएं यहाँ से भर आकर अपने साम्राज्य का दौरा करती हैं, तो माउंट मेरापी में विस्फोट होता हैं। हालांकि ये सब बाते बस्स कही-सुनी हैं। आज के आधुनिक समय में इन बातों का कोई महत्त्व नहीं रह गया हैं।

क्या होते हैं ज्वालामुखी और क्यू होते हैं उनमे विस्फोट

ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह पर बने ऐसे मुह या दरारे होती हैं, जिस से पृथ्वी के भीतर का गरम लावा, गैस और भस्म आदि सब कुछ बाहर आ जाता हैं। इन सभी वस्तुओ का निकास एक प्राकर्तिक नली द्वारा होता हैं, जिसे निकास नलिका कहते हैं। लावा धरातल पर आने के लिए एक छिद्र बनाता हैं, जिसे विवर या क्रेटर कहते हैं। इसके बाद जब लावा अपने विवर के आसपास जम जाता हैं और एक शंकु के आकार का पर्वत बनाता हैं तो उसे ही ज्वालामुखी पर्वत कहते हैं।

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ज्वालामुखी में विस्फोट होने के कई कारण होते हैं।

  1. पृथ्वी के गर्भ में बहुत ज्यादा तापमान होता हैं। आमतौर पर 32 मित्र की गहराई पर एक डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ जाता हैं। इस से पदार्थ पिघलने लगते हैं, भूतल के कमजोर भागों को तोड़ कर बाहर आआ जाते हैं इसे ही ज्वालामुखी विस्फोट कहा जाता हैं।
  2. कमजोर भूभाग के कारण भी ज्वालामुखी विस्फोट होता हैं। प्रशांत महासागर के तटीय भाग, पश्चिमी द्वीप समूह और एंडीज पर्वत इसका उदाहरण हैं।
  3. जलवाष्प के कारण भी ज्वालामुखी विस्फोट होता हैं। जब बारिश का पनि रिस रिस कर जमीन के अंदर जाता हैं तो वह पर मौजूद गैसों के कारण वह जलवाष्प में बदल जाता हैं। जलवाष्प से उसके आसपास के क्षेत्र में दवाब बढ़ता हैं, जिसकी से ज्वालामुखी विस्फोट होता हैं।
  4. भूकंप से भूमि की सतह में दरार पढ़ जाती हैं, इन्ही दरारों से मेगमा जमीन से अंदर से बाहर आ जाता हैं और ज्वालामुखी विस्फोट होता हैं।

 

 

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