भारत में फिर से करोना (कोविड) देश के 3 राज्यों में मिले नए वैरिएंट JN.1 के मरीज आप भी देखें

JN.1 : वर्ष 2019-20 में भारत सहित पूरे विश्व में हाहाकार मचाने वाले कोरोना ने एक बार से दस्तक दे दी हैं। इस बार इसके एक नए वैरिएंट JN.1 का आगमन हुआ हैं। कोरोना से कोई एक दो देश नहीं बल्कि पूरा विश्व बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस बीमारी ने लगभग हर देश की अर्थव्यवस्था के पहिये थाम दिए थे।

कोरोना की शुरुआत चाइना के वुहान में बनी एक लैब से हुई थी। कुछ महीनों के संघर्ष के बाद भारत ने इस बीमारी का एन्टीडोट बना लिया था, साथ ही कई देशों को भारत ये एन्टीडोट निर्यात भी कर रहा हैं। लेकिन अब फिलहाल कोविड-19 का नया वैरिएंट JN.1 आया हैं।

फिर से कोरोना, देश के 3 राज्यों में मिले नए वैरिएंट JN.1 के मरीज
फिर से कोरोना, देश के 3 राज्यों में मिले नए वैरिएंट JN.1 के मरीज

JN.1 के कुल 21 मामले

नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल जोकि स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं, उन्होंने ही कोरोना के इस नए वैरिएंट JN.1 की जानकारी दी हैं। उन्होंने बताया कि यह नया वायरस बहुत तेजी से दुनिया के देशों में अपने पैर पसार रहा हैं। भारत में अकेले गोवा में इस नए वैरिएंट के 19 मामले जबकि, महाराष्ट्र और केरल में इसके एक-एक मामले सामने आ चुके हैं।

लेकिन वीके पॉल ने बताया कि भारत को डरने की जरूरत नहीं हैं। हमारे देश में वैज्ञानिक इस नए वैरिएंट पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। लेकिन उन्होंने सलाह भी दी कि सभी राज्यें जिनके यहाँ कोविड के इस वैरिएंट के मरीज न भी हो वो भी कोविड से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करे, अपने यहाँ निगरानी बढ़ाए।

कोविड के इस नए वैरिएंट JN.1 की शुरुआत इस साल अगस्त में लकजम्बर्ग में हुई थी। इसके बाद यह वायरस धीरे-धीरे विश्व के 30-40 देशों में अपने पैर पसार चुका हैं। भारत में इसके अब तक 21 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी हैं।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अपने यहाँ नियमित तौर पर जिले के हिसाब से इंफ्लुएंजा जैसी बीमारी और सांस की बीमारी के मामलों की निगरानी करने और साथ ही उसकी रिपोर्ट करने का निर्देश दिया हैं। भारत में कोविड से फिर से बीते 15-20 दिनों में 16 मौत हो चुकी हैं। लेकिन इस सभी मरने वाले लोगों को पहले से ही कोई-न-कोई गंभीर बीमारी थी।

JN.1 ने इन-इन देशों में दस्तक दे दी हैं।

कोरोना के इस ये वैरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘ वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट ‘ करार दिया हैं। इसके मामले भारत, चीन, सिंगापुर, अमेरिका,स्पेन, पुर्तगाल, नीदरलैंड, ब्रिटेन, आइसलैंड में सामने आ चुके हैं। भारत में जिन-जिन लोगों में इस वायरस का संक्रमण मिल हैं उन सभी में इसके लक्षण बहुत ही कम दिखाई दे रहे हैं। संक्रमित लोग घर के घरेलू उपचार लेकर अपना इलाज कर रहे हैं।

लकजम्बर्ग में पाया गया यह नया वैरिएंट ओमीक्रॉन सब-वैरिएंट से आया हैं। इसका स्रोत पिरोला वैरायटी BA.2.86 हैं। इसमे स्पाइक प्रोटीन आलटरेशन हैं जो इसे बहुत ज्यादा संक्रमण फैलाने वाला और इम्यून सिस्टम को हानि पहुंचाने वाला बना दिया हैं। भारत में इसका सबसे पहला मामला 8 दिसंबर 2023 को सामने आया हैं, जोकि केरल की एक 79 वर्ष की एक औरत थी।

JN.1 के लक्षण

इसके लक्षण आमतौर पर कोरोना वाले ही हैं। इसमे शामिल हैं,

  • खांसी
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • थकान
  • जुकाम या नाक बहना
  • गले में तकलीफ या खराश होना
  • कंजेशन

ये सभी लक्षण इस नए वैरिएंट से संक्रमित लोगों में दिखाई देते हैं। लेकिन ये लक्षण इतने गंभीर नहीं होते। घर पर रहकर ही और थोड़ी सी देखभाल ही मरीज की हालत में सुधार लाने के लिए काफी हैं।

इस नए वैरिएंट से बचाव के उपाय

  • मास्क पहन कर रखे।
  • सामाजिक दूरी का पालन करे।
  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर न जाए।
  • पोषक आहार ले।
  • अपने हाथों को साबुन से धोए।
  • साबुन-पनि न होने पर 60% अल्कोहॉल वाले हैन्ड सेनीटाइज़र का प्रयोग करे।
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे।
  • जरूरत हो तभी घर से बाहर जाए।
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में पर अपने स्वास्थ्य की भी जांच अवश्य कराए।

इन सभी जरूरी कदमों का पालन करके हम कोरोना और इसके नए वैरिएंट से बच सकते हैं।

कोरोना के सरकारी आँकड़े

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक  देश में फिलहाल कोविड के ऐक्टिव केस 2311 हैं। 2019-20 से लेकर अब तक कुल 5,33,321 लोगों की मौत हो चुकी हैं। भारत में कुल कोविड के अब तक 4.50 करोड़ केस सामने आ चुके हैं।

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