अध्ययन से यह बात साफ Ultra Processed food पदार्थ खाने से बढ़ता है दिल की बीमारी,शुगर,मानसिक तनाव,का खतरा

Ultra Processed food : यह अध्ययन लगभग 10 मिलियन लोगों पर किया गया है। मेटाबॉलिज्म की एक नई समीक्षा के अनुसारअल्ट्रा प्रक्रिया फूड खाद्य खाने से शरीर में दर्जनों स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मृत्यु का भी खतरा बढ़ जाता है। ऑस्ट्रेलिया के गीलॉन्ग मैं डीकिन यूनिवर्सिटी के फूड एंड मूड सेंटर में एक वशिष्ठ शोधकर्ता ने कहा है। 

जिनका नाम  डॉ. वोल्फगैंग मार्क्स ( फूड एंड मूड सेंटर के अध्ययन कर्ता ) यह कहते हैं कि,हमें 45 अलग-अलग स्वस्थ अध्ययनों में से 70% से अधिक के साथ अल्ट्रा प्रक्रिया खाद्य पदार्थों के सेवन करने से शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले सबूत मिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक इंटरनेशनल रिसर्च एजेंसी  ऑन कैंसर की पोषण और मेटाबॉलिज्म शाखा के वैज्ञानिक के हैंज फ़्रीस्लिंग ने बताया है कि, एक व्यक्ति को अपने खाने का 10% से अधिक अल्ट्रा प्रक्रिया फूड नहीं खाना चाहिए। जो कल खाना उसने खाया है। 10% को बेसलाइन माना जा सकता है,इससे अधिक खाने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां उत्पन्न होने लगते है

Ultra Processed फूड कैसे शोधकर्ता क्या कहते हैं 

अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि,प्रत्येक स्टडी से यही पता चलता है। अध्ययन को चार श्रेणियां में किया गया है। विश्वसनीय या मजबूत,अत्यधिक विचारोत्तेजक,विचारोत्तेजक, कमजोरी या बिना सबूत वालों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। लेखकों ने कहा कि यह सभी अध्ययन पिछले 3 वर्षों में प्रकाशित किए गए हैं। अध्ययन में मजबूती से पता चलता है कि,अल्ट्रा प्रोसैस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन हृदय रोगों से संबंधित और अन्य मानसिक रोगों  के लगभग 50% अधिक जोखिम खाने वालों का ज्यादा होता है। डीकिन पोस्टडॉक्टरल रिसर्च फेलो और प्रमुख डॉक्टर मेलिसा कहती है कि, हृदय रोगों में प्रमुख दिल का दौरा पड़ना,स्ट्रोक, धमनियों का रुकना,और नसों के रोग शामिल हैं। 

द बीएमजे जर्नल में प्रकाशितएक (28 फरवरी ) अध्ययन के अनुसार इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि,अल्ट्रा प्रोसैस्ड प्रक्रिया फूड खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन करने वालों खतरा 53% तक बढ़ जाता है। किसी और बीमारी के कारण मृत्यु का खतरा भी 20% तक बढ़ जाता है। 

Ultra Processed फूड कौन से होते हैं

Ultra Processed food उन फूड्स को कहा जाता है जो अक्सर हमारी रसोई में तैयार नहीं होते हैं। कोई भी वह सामान जिसको टेस्टी बनाने के लिए उसमें कलर,फ्लेवर ऐडेड सूगर,या कोई भी सिरका डाल दिया जाता यह सभी अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सभी नूडल्स,बिस्किट्स,पैकेट बंद ब्रेड,पिज़्ज़ा,पास्ता,पैकिंग वाला मीट,कोल्डड्रिंक,मिठाइयां,फ्रूट YOGRTA,सभी सूप,हॉट डॉग,बर्गर,लगभग वह खाने का सामान जो रेडी टू एट होता हैं यह सब अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की कैटेगरी में आता है।

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Ultra Processed फूड्स के दुष्प्रभाव

  1. इस प्रोसेस्ड फूड में कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है,जिसे खाने वाला व्यक्ति मोटापे को निमंत्रण देता है। 
  2. Ultra Processed food  को खाने से हृदय बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 
  3. प्रोसैस्ड फूड  मेटाबॉलिज्म के लिए धीरे-धीरे खतरा बन जाता है। बाद में सूजन भी शुरू हो जाती है। 
  4. कैंसर जैसी भयंकर बीमारीयों से लड़ने की क्षमता को शरीर से कम कर देता है। 
  5. रक्त दमिनियों ( कोलेस्ट्रॉल ) और डायबिटीज शुगर इस फूड को खाने से इसका खतरा और भी बढ़ जाता है।

 

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